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बुधवार, 24 अगस्त 2011

MULTI LEVEL MARKETING(M.L.M.)MULTI LEVEL MARKETING(M.L.M.) का इंडिया में स्कोप: का इंडिया में स्कोप:

MULTI LEVEL MARKETING(M.L.M.) का इंडिया में स्कोप:मल्टी लेवल मार्केटिंग की शुरूवात सन १९५९ में कनाडा में हुई थी तथा तब से विदेशो में यह सिस्टम काफी लोकप्रिय हुआ है प्रतिशत के हिसाब से यह कितना विकसित है आओ देखे :देश M.L.M.का प्रतिशत अमेरिका 60%चीन 21% भारत 01% * सबसे कम भारत में यूरोप व अन्य देश 18% कुल 100% मल्टी लेवल मार्केटिंग का विकास सबसे अधिक अमेरिका में हुआ है वहां पर बड़ी बड़ी FAMOUS कंपनिया अपना प्रोडक्ट M.L.M. के जरिए बेचती है जैसे फोर्ड,कोकाकोला ,बेल कोम्पुटर इत्यादि वहां पर इसके स्कूल व कोलेज में कोर्सेस होते है भारत में यह ORGANISED INDUSTRIES का दर्जा हासिल नहीं कर पाई है तथा अभी भी लोग इसे शक की निगाह से देखते है उसका कारण है की बहुत सी fraud कंपनिया आयी और देश की जनता को ठग कर चली गयी इसलिए एक आम आदमी का अनुभव M.L.M. कंपनियों के प्रति खट्टा है,उसका कारण है देश में शिक्षा,प्रशिक्षण,जनजागरण का आभावअभी भी 100 में से सिर्फ 1 आदमी M.L.M. में सफल हो पाते वो भी सही ट्रेनिंग के बादइसका कारण है है M.L.M. में ज्वाइन करने के तरीके,आओ देखे:ज्वाइन करने का तरीका ज्वाइन करने का प्रतिशत BY OBLIGATION(दोस्त,रिश्तेदारों द्वारा): 30%BY FORCE (बॉस,अफसर,सरकारी अधिकारी द्वारा) : 25%BY MISGUIDENCE(गलत कांसेप्ट बताकर ) : 20%TO GIVE A TRY(या पीछा छुडाने ने के लिए) : 15%TO MAKE A SERIOUS CARREER : 10% *** (ये व्यक्ति सफल होंगे )TOTAL 100%जो व्यक्ति इसे सीरियस हो कर बिजनस करियर के रूप में ज्वाइन करेगा वही SUCCESS होगा M.L.M. में कामयाब होने के लिए क्या क्या योग्यता होनी चाहिए?१.आपके अंदर काम करने की BURNING DESIRE(मजबूत इरादे )होने चाहिए क्योकि मजबूत इरादों से ही ज़ंग जीती जाती है दुनिया की ऊँची से ऊँची चोटी इन्सान के इरादों से ऊँची नहीं है२.यह बिजनेस लोगो को तलाशने का नहीं तराशने का बिजनेस है. किसी को ये सोच कर JOIN न कराये की ये मुझे कामयाब बनाएगा बल्कि ये ये सोच कर JOIN कराये की मुझे इसको कामयाब बनाना है,क्योकि वो कामयाब होगा तो आप भी कामयाब होगे ३.स्वार्थ की भावना नहीं होनी चाहिए,लेने वाला नहीं देने वाला होना चाहिए तभी आदमी लीडर बनेगा ( HELPING OTHERS TO LIGHT THEIR FUTURE)4.सिस्टम के द्वारा बताये गए टूल्स जैसे टेप,सीडी,विडियो,बुक्स का प्रयोग रोज करे,सेमिनार,फंक्शन्स अटेंड करे५.बिज़नस के लिये थोडा सा वक़्त निकाले,अभी थोडा सा COMPROMISE करे बाद में जिंदगी में कोई COMPROMISE करना न पड़े थोडी थोडी कुर्बानी करके धीरुभाई अम्बानी ने ६५ हजार करोड़ रु का साम्राज्य (EMPIRE) खडा कर दिया६.सुरुवात आसान हो तो अंत ख़राब होता है,नरक के रास्ते आसान होते है पर स्वर्ग के रास्ते कठिन होते हैइस बिजनस को सुरु करने में सुरुवात में थोडी कठिनाई होती है पर बाद में सुख की अनुभति होती है७.'MAGIC WORDS'-SORRY,THANK YOU :जादुई शब्द सॉरी,थैंक्यू का प्रयोग करने में देरी न करे अगर समय रहते रावण ने सॉरी कहा होता तो रामायण नहीं होती और समय रहते दुर्योधन ने सॉरी कहा होता तो महाभारत नहीं होतीक्योकि तारीफ करेंगे तो क्वालिटी में बढोतरी होगी और निंदा करेंगे तो EGO(अहम् ) का जनम होगा और अहम् इस बिजनेस का शत्रु है८.जब जब कोई नया काम होता है तो जमाना उसपर हँसता है,आप लोगो के हँसने पर न जाये क्योकि जब जब जमाना हँसा है इतिहास रचा है९.SELF MOTIVATION:जब तक आप खुद को MOTIVATE नहीं करोगे तब दूसरो को MOTIVATE नहीं कर पाओगेएक दुबले पतले आदमी ने पुरे भारत को ऐसा MOTIVATE किया की अंग्रेजो को हिंदुस्तान से खदेड़ दिया जिसे आज हम महात्मा गाँधी के नाम से जानते हैअगर आप साहस करके LEAD करोगे तो लोग आपको अपने आप FOLLOW करेंगेएक अच्छा बीमा एजेंट एक अच्छा MOTIVATOR होता है10.समाज में एक अछी छवि(GOODWILL,IMAGE) बनाये,आपकी सच्चाई,ईमानदारी,निस्वार्थ स्वाभाव देखकर कोई आपके व्यक्तित्व से प्रभावित होकर ऐसे ही ज्वाइन कर लेगा११.लोगो को भरपूर प्यार व सम्मान देना है और विश्वास जगाना है और अच्छा रिलेशन BUILT करना हैक्योकि एक रिलेशन कई रिलेशन का बीज होता हैअपनी अच्छाई से लोगो की बुराई को ख़त्म कर सकते है यही LEADERSHIP की ताकत है११.हमेशा हँसमुख रहे क्योकि हँसमुख व्यक्ति लीडर बनता है और दुखी व्यक्ति कभी भी लीडर नहीं बन सकताहैकेवल काम करते रहे आपको सही व्यक्ति जरूर मिलेगा "YES THEY ARE RARE BUT THEY ARE"12.बड़ा सोचे(छोटी छोटी आंखे बड़े बड़े सपने):बड़ा सोचेंगे तो बड़ा बनेंगे और छोटा सोचेंगे तो छोटे होंगे,गरीब हमेशा गरीबी के बारे में सोचता है इसलिए गरीब होता है और अमीर हमेशा अमीरी के बारे में सोचता है इसलिएअमीर होता है. शेष शीघ्र ............................

शनिवार, 20 अगस्त 2011

जीवन क्या है ?




ना ज़मीन, ना सितारे, ना चाँद, ना रात चाहिए,दिल मे मेरे, बसने वाला किसी दोस्त का प्यार चाहिए, ना दुआ, ना खुदा, ना हाथों मे कोई तलवार चाहिए,मुसीबत मे किसी एक प्यारे साथी का हाथों मे हाथ चाहिए,
कहूँ ना मै कुछ, समझ जाए वो सब कुछ,दिल मे उस के, अपने लिए ऐसे जज़्बात चाहिए, उस दोस्त के चोट लगने पर हम भी दो आँसू बहाने का हक़ रखें,और हमारे उन आँसुओं को पोंछने वाला उसी का रूमाल चाहिए, मैं तो तैयार हूँ हर तूफान को तैर कर पार करने के लिए,बस साहिल पर इन्तज़ार करता हुआ एक सच्चा दिलदार चाहिए, उलझ सी जाती है ज़िन्दगी की किश्ती दुनिया की बीच मँझदार मे,इस भँवर से पार उतारने के लिए किसी के नाम की पतवार चाहिए, अकेले कोई भी सफर काटना मुश्किल हो जाता है,मुझे भी इस लम्बे रास्ते पर एक अदद हमसफर चाहिए यूँ तो 'मित्र' का तमग़ा अपने नाम के साथ लगा कर घूमता हूँ, सी .आर .आर .सी .एम .

रविवार, 14 अगस्त 2011

सतीश जी के १० वाक्य अमर







1) यदि आप सिर्फ अपने हीं सीखते रहेंगे तो आप विद्वान (WISE MAN) बन सकते हैं लेकिन यदि आप दूसरे को सिखाएँगे तो आप आमिर (RICH)बन जाएँगे

2) भूलकर भी हमें इन तीन वर्जित विषयों पर बहस नहीं करनी चाहिए :सेक्स ,धर्म और राजनीत (SEX , RELIGION , POLITICS ) .(MIND YOUR OWN BUSINESS DO NOT TRY TO BE SOCIAL REFORMER)

3) नेटवर्क बिजनेस दिल का है, दिमाग का नहीं ,यह बिजनेश प्यार का है तर्क का नही ,यह बिजनेश सुंदर सम्बन्धों का है जोर- जबरजस्ती का नहीं क्योंकि इस बिजनेश में प्रतेक व्यक्ति अपना I.B.O. स्वयं है (YOU ARE THE INDEPENDENT BUSINESS OWNER OF YOUR BUSINESS )

4) नेटवर्क बिजनेश में सफल होने के लिए एक हीं काम करना है :सकरात्मक नजरिया ,अटूट विश्वास और श्रद्धा (POSITIVE ATTITUDE,TRUST AND LOVE) के साथ लगातार लगे (CONTINUOUS) रहना है कभी करना कभी छोड़ देना इस बिजनेश का कैंसर(CANCER :FATAL DISEASE ) है

5) नेटवर्क बिजनेश में अपने लिए शुरू में जरुर काम करना पड़ता है लेकिन बाद में अपने डाउन लाइन और अप लाइन के लिए कम करना पड़ता है दूसरे शब्दों में आप दूसरे की मदद करें परमात्मा आप की मदद खूद करेगा(YOU HELP OTHERS, GOD WILL HELP YOU )

6) नेटवर्क बिजनेश में काम करते वक्त जब जिश्म (BODY) थक जाए और रूह (SOUL) कंप जाए फिर भी लगे रहें ,इसको कहते हैं कठिन मेहनत (HARD WORK / EXTRA MILE) और नेटवर्क बिजनेश में ऐसे हीं लोगों को कामयाबी मिलती है इसी लिए मैं कहता हूँ “कामयाबी दर्द की कोख से पैदा होती है

7) जो लोग आज इस सेमिनार हौल(SEMINAR HALL) में है ,उनकी कामयाबी निश्चित है , और जो लोग बाहर प्लान दिखने नें व्यस्त हैं उनमे देर लग जाएगी इस बिजिनेश की आत्मा(SOUL ) है एजुकेसन :बुक टेप और फंक्शन ( B T F ): बुक डेली 20 मिनट्स ,वन टेप डेली ,कम से कम एक फंक्सन प्रतेक माह

8 ) किसी को भी मार्केटिन प्लान बोल कर नहीं बताना है बल्कि पेपर पर हीं लिख कर दिक्काना है क्योंकि (PEOPLE ALWAYS UNDERSTAND FIGURES NOT FACTS )

9) मार्केटिंग प्लान दिखाते वक्त हमेशा इस बात का ख्याल रखना है किप्लान को मात्र दिखाना है ,बताना या समझाना नहीं है यह मात्र इन्फोर्मसं शेयरिंग (INFORMATION SHARING ) सेसन होता है यह उस व्यक्ति का प्रथम लेवल का इंटरविउ (FIRST LEVEL INTERVIEW) होता है कि वह व्यक्ति इस तरह कि एक्टिविटी (ACTIVITIES) में सामिल होना चाहता है या नहीं (SHOW THE PLANE DO NOT CONVINCE THE PLANE .समझाने वाला दूसरा सेसन फोलो उप (FOLLOW UP) है आपको फोलो उप हमेशा अपने सिनिर उप लाइन के साथ करना है क्योंकि 90%रिजल्ट फोलो अप से आएगा नकि (STP)

10) पुराने जमाने में सफलता के सात सूत्र बताए जाते थे लेकिन आज सफलता का एक हीं सूत्र है सकरात्मक नजरिया (POSITIVE ATTITUDE) )यानि प्रतेक चीज में आपको अच्छाई को ढूंढ लेना है आपको हर चीज को अच्छा -अच्छा कहना होगा चाहे आपका अप लाइन हो या डाउन लाइन हो या आपका क्रोस लाइन हो या कोई दूसरे ग्रुप का हीं क्यों न हो यहाँ तक कि कम्पनी का मैनेजमेंट सिस्टम हो सकता है, कम्पनी का प्रोडक्ट हो सकता है
आप जानते हैं कि आकर्षण के सिधांत (LOW OF ATTRACTION) के अनुसार जो भी आप बोलते हैं या सोंचते हैं उसकी FREQUENCY होती है जो इस ब्रम्हांड (UNIVERSE) में RADIATE हो जाती है और उसी तरह कि अन्य फिरिक्वेंसियों (SIMILAR FREQUENCIES) को अपनी तरफ आकर्षित कर लेती है

रविवार, 15 मई 2011

बातचीत




जीवन में कुछ भी कार्य सम्पन्न करना हो तो दुसरो के सम्पर्क में आना पड़ता है ! उनमे किसी न किसी रूप में सम्बन्ध स्थापित करना होता है और उसका मुख्य तरीका है बातचीत ! जिस प्रकार जीवन में खाना -पीना जरूरी है उसी प्रकार बातचीत करना भी जरूरी है !मों रहने वाले या नही बोल पाने वाले भी बातचीत का कुछ न कुछ तरीका अपनाते ही है ! बातचीत करते समय अलग -अलग स्थिति में अलग -अलग सिध्दांत अपनाने पड़ते है !हर समय एक सिध्दांत काम नही कर सकता !सामने वाले के साथ आपके सम्बन्ध कैसे है ,क्या विषय है ,क्या समय है ,क्या उधेश्य है उसी के अनुरूप अपने विवेक से काम लेना होता है !महत्वपूर्ण यह नही है आप कितना जानते है या आपकी बात कितनी सही है !महत्वपूर्ण यह है कि आपकी बात कितनी प्रभावशाली रही !बातचीत करते समय कुछ बुनियादी उसूलो को ध्यान में रखते हुए विवेकपूर्ण रहेगे तो हर छेत्र में सफलता प्राप्त होगी ,लोगो से आपके सम्बन्ध मधुर होगे व् आपका सम्मान बना रहेगा ! *अपनी मुख्य बात करने से पहले कुछ इस तरह की चर्चा करे की आप सामने वाले के स्वभाव को समझ सके ! *अपनी बातचीत का तरीका सामने वाले के स्वभाव के अनुकूल रखे ! *मनुष्य दुसरो के फायदे के बजाय अपने फायदे के बारे में ज्यादा सोचता है !अत हमेशा दुसरो के फायदे के बार मे बात करे !*लोगो से बात करे तो उनके गुणों का ज्यादा बखान करे ,खुद के बारे मे कम !*सामने वाले की बात थोड़ी प्रशंसा के लायक हो तो उसकी खुलकर प्रशंसा करे !*सामने वाला बहुत गुस्से मे हो तो आपका शांत रहना ही उचित है !उसको कुछ समझाने का प्रयास उस समय न करे !***बातचीत एक से ज्यादा लोगो से चल रही हो तो किसी एक को ही पूरा महत्व न दे !* एक ही बात को बार -बार न दोहराए !*ज्यादा से ज्यादा सम्मानजनक शब्दों का प्रयोग करे !*** बातचीत मे अहंकार का भाव न आने दे !*** प्रसन्न मुद्रा बातचीत के प्रभाव को कई गुना बढ़ा देती है !

व्यवहार कुशलता




आपकी सफलता बहुत कुछ आपकी व्यवहार कुशलता पर टिकी होती है ! सफलता के लिए दुसरो को प्रभाव मे लेना व् उन्हें प्रभाव मे बनाकर रखना बहुत ही आवश्यक है ! एक बार किसी को प्रभाव मे तो आप अपनी लुभावनी बातो से ले सकते है ! लेकिन हमेशा प्रभाव मे बनाये रखने के लिए आपके अंदर सच्चाई व् इमानदारी का होना बहुत जरूरी है ! व्यवहार कुशलता का मतलब केवल वाक्पटुता नही है ! बल्कि व्यवहार कुशलता का मतलब दुसरो के प्रति अपने मन में सदभावाना रखना और जरूरत पड़ने पर उसको प्रदर्शित करना है ! केवल दिखावटी व्यवहार कुशलता आपकी सफलता में सहायक नही बन सकती ! लोग आपके सामने क्या बोलते है यह महत्वपूर्ण नही है ! लोग आपके पीछे से क्या बोलते है यह महत्वपूर्ण है ! *आप सामने वाले को अपने उग्र व्यवहार की बजाय विनम्र व्यवहार से ज्यादा झुका सकते है ! *किसी को दिए गये समय से कुछ पहले पहुचना आपके जिम्मेदार होने का अहसास करता है ! *अभिवादन हमेशा खुले दिल और उत्साह से करे ! *एसे वायदे न करे जिन्हें पूरा करना मुश्किल हो ! *किसी को भी सिरदर्द या मुसीबत न समझे ! *किसी की तकलीफ के समय जितना सहयोग आपसे बन पड़े अवश्य करे ! *आपको किसी से प्रेम हो ,न हो चल सकता है ,लेकिन बैरकिसी से न पैदा करे ! *कभी कोई छोटा या अनजान व्यक्ति सम्पर्क में आये और आपके पास समय भी न हो तो जो भी बोले ,मीठी वाणी में बोले चाहे वे दो शब्द ही हो ! *

मंगलवार, 10 मई 2011

आचरण





आचरण बाहर की वस्तु नही है , आचरण भीतर की प्ररेणा से उपजता है ! जो आप ग्रहण करेगे ,वही आपके भीतर होगा !अत हमेशा अच्छा भोजन करे , अच्छे लोगो की बाते सुने , अच्छा संगीत सुने ,अच्छा साहित्य पढ़े और अच्छे लोगो के साथ रहे !आचरण की शुद्दी के लिए कथनी और करनी के अंतर को दूर करना बहुत जरूरी है !आचरण की सुन्दरता शरीर की सुन्दरता से ज्यादा लोगो को अपना बनाती है !पैसे से आप वस्तुए खरीद सकते है , पर लोगो के दिलो को नही ! दिलो में तो आप आचरण से ही बस सकते है ! विनम्रता बलवान का गहना है और कमजोर की ताकत !किसी को धोखा देकर उठाया हुआ फायदा भविष्य को बहुत बड़ा नुकसान है !दुसरे के आचरण को सुधारने के लिए खुद दुराचरण मत कीजिये ! विचारो की निर्मलता का असर आचरण पर स्वत ही आ जाता है ! अपना बडप्पन दिखाने की कोशिश कभी न करे , इसी में आपका बडप्पन है !नशा शब्द नाश से बना है , क्योकि नशा सुख ,शांति ,सम्पति ,सम्मान ,शरीर ,समय ,स्वजन और समाज सबका नाश करता है !दुसरो की सेवा न कर सको तो कम से कम किसी को कष्ट मत दो !किसी के साथ विश्वासघात करना स्वाभिमान की हत्या है !आपका आचरण शुद्द है तो अज्ञानता का पश्चाताप न करे !ज्ञान की आवश्यकता आचरण की शुद्दता के लिए होती है !पावन आचरण भगवान की पूजा से ज्यादा धार्मिकता की बात है !धोखे व् फरेब द्वारा धन कमाया जा सकता है पर मन की शांति नही ,जबकि इमानदारी से धन व् शांति दोनों कमाए जा सकते है !{हमे अपनी मनोवृतियो के प्रति सजग होना पड़ेगा !}

सोमवार, 9 मई 2011

आत्म ज्ञान

1 मनुष्य जन्म इस ब्रहमांड की सबसे अनमोल उपलब्धी है !यह सोचने का विषय है की क्या हम इसका सद्पुयोग कर रहे है ? २ हाथ में आये हीरे को हम पत्थर समझते रहे तो इसमे हीरे का क्या दोष है ? ३ सुख किसी वस्तु में नही है , वह मन के भीतर है ! यदि वस्तु में होता तो एक ही वस्तु से एक आदमी सुखी व् एक दुखी न होता ! ४ यदि हमे अपने लिए ही जीना है तो परमात्मा ने हमे मनुष्य न बनाया होता ! ५ जब आप अपने से अमीर आदमी को देखते हो तो अपने आप को गरीब समझने लग जाते हो और अपने से गरीब आदमी देखते हो तो अपने आप को अमीर समझने लग जाते हो !यह तो ऐसा हो गया कि बुखार आपका नापना हो और थर्मामीटर किसी और के लगाया जाये ! ६ कुछ नुकसान होने पर हम बहुत पश्चाताप करते है !जरा सोचो दुनिया में हम क्या लेकर थे ? ७ आपकी कमजोरियों को बताने वाले से कभी नाराज न होवे ,बल्कि उसे धन्यवाद दे !

कर्म

जहा जीवन है वहा कर्म अनिवार्य है ! छोटे से छोटे जीव भी अपने कार्य में संलग्न है !जिन्दगी में कभी भी बिना किये कुछ पाने की लालसा मत रखो ! जहा कर्म नही वहा जीवन नही !बिना कर्म के जीवन का कोई मोल नही ! कर्म करते कभी लगे कि काश कर्म नही करना पड़े तो यह आपकी भूल है! यह प्रवृति हमेशा मुसीबतों कि और धकेलती है !ज्यादातर लोग ऐसे रस्ते खोजते रहते है

प्रेम





यहाँ पर प्रेम का अर्थ है आप अपनी प्रकृति प्राणी मात्र से प्रेम करने की रखो यानि आपके द्वारा किसी का भला हो सके तो अच्छा है, लेकीन किसी का अहित कभी न हो !आपका प्रयास यह हो की आपकी वजह से किसी का दिल न दुके !किसी को गुनाह या कुछ गलत करने से रोकना भी उससे प्रेम करना ही है , लेकिन बदला लेने का भाव कभी न रखे ! यह आपकी आदत मै आ जाने पर आपके सरे निर्णय स्वत ही ठीक होगे !आपके मुख से स्वत ही अच्छे बोल निकलेगे ,आपका व्यवहार सबसे अच्छा ही होगा !

शुक्रवार, 6 मई 2011

FOLLOWING BE USEFUL.

1, TAKING PEOPLE TO THE RCM BAZAARS. 2, DISPLAYING PRODUCTS IN DRAWING ROOM. 3, PROVIDE HOME DELIVERY TO THE NEIGHBORHOOD OR ACQUAINTANCES WHO ARE NOT THE DISTRIBUTORS OF RCM. 4, GIVING THE VARIOUS MAIDS OR MALE-MIADS THE RCM PRODUCTS

शनिवार, 4 दिसंबर 2010

RCM

भारत देस एक महान देस हैराजनेतिक आजादी के बाद भी हम आजाद नही है और हम कहते है हम आजाद है ये कैसी आजादी , एक दुखी दूसरा सुखी। आजादी तो ये नही कहती ; कोई भूल जरुर है।