गुरुवार, 18 अगस्त 2011

आप अपने समय और सामर्थ्य का उपयोग किस प्रकार करते हैं?

यदि आप रोज़ शाम को टीवी पर ख़बरों में बढ़ते अपराध और बिगड़ते हालात को देखकर यह अफसोस करते रहते हैं कि दुनिया रसातल में जा रही है तो आप चिंता के वर्तुल में भ्रमण कर रहे हैं. इसके विपरीत यदि आप प्रभाव क्षेत्र में हैं तो आप ऐसे सकारात्मक प्रयास करते हैं जिनसे लोगों में जागरूकता आये. आप नए विचारों के साथ आगे आते हैं, लोगों को उनकी योग्यताओं और शक्तियों का अहसास कराते हैं, और उनका मार्गदर्शन करते हैं ताकि अधिकाधिक लोगों के जीवन में सुधार आये.
मैं कई लोगों के बीच में वार्ता करने से झिझकता था क्योंकि मेरे भीतर यह भय व्याप्त था कि मैं कुछ भी ठीक से नहीं कह पाऊंगा और सभी मुझे मूर्ख समझेंगे. मैं इतना संकोची था कि किसी गोष्ठी में कुछ पूछने के लिए या अपने विचार रखने के लिए हाथ उठाने से भी हिचकिचाता था. यदि मैं कुछ पूछता भी तो मेरा दिल बेतहाशा धड़कने लगता और मैं खुद से यह पूछता रहता कि मैं कोई बेवकूफी भरा सवाल तो नहीं पूछ रहा हूँ! मैं हमेशा चिंताओं के क्षेत्र में ही फंसा रहता था. किसी तरह मैं उसमें से निकलकर प्रभाव क्षेत्र में जा सका. ऐसा करने के लिए मुझे पब्लिक स्पीकिंग कोचिंग से बड़ी मदद मिली. अपने चिंता क्षेत्र से बाहर निकले बिना मैं लोगों के सामने बिना किसी तैयारी के भाषण देने के बारे में सोच भी नहीं सकता था.
अब मैं आपको यह बताता हूँ कि वे कौन सी बातें (चिंता का क्षेत्र) हैं जिनके बारे में लोग बड़ी चिंता करते हैं. उसके ठीक बाद मैं उन उपायों (प्रभाव क्षेत्र) को इंगित करूंगा जो खराब दशाओं में सुधार ला सकते हैं:
पर्यावरण/प्रदूषण - रिसाइकल करें. कम उपयोग करें. आवश्यकताएं घटाएं.आय-व्यय/घरेलू खर्च - आमदनी बढ़ाएं. खर्चे कम करें. छोटी-छोटी बचत करें.स्वास्थ्य - व्यायाम करें. पैदल चलें.अकेलापन/अवसाद - अपने मेलजोल का दायरा बढ़ाएं. खुशमिजाज़ बनें.भविष्य - टाइम मशीन बनाएं.
जब भी आप किसी मसले पर काम करें तो खुद से यह ज़रूर पूछें, "मैं इस स्थिति में किस प्रकार सुधार ला सकता हूँ? मैं इसे बेहतर कैसे बना सकता हूँ?"
कुछ नए विचार एकत्र करें और उनपर कार्रवाई शुरू कर दें. यदि आप कुछ नहीं सोच पा रहे हों तो यह अवश्य अनुभव करें कि किसी समस्या के बारे में चिंता करना केवल अपने समय और शक्तियों की बर्बादी है. फिर अपने संसाधनों को उस दिशा में मोड़ दें जहां आप वाकई कुछ करके दिखा सकते हों.

जीवन का सत्य




अच्छा सुनकर उसे अपनाओ नही तो सुनने और नही सुनने में कोई अन्तर नही !जीवन में ज्यादा से ज्यादा अच्छे विचार रखना उतना ही महत्वपूर्ण है , जितना उनका आदान प्रदान है ! यदि अच्छे विचारों में किसी को भागीदारी नही बनायेंगें , जीवन में उनका उपयोग नही करेंगे तो वे सब व्यर्थ चले जायेंगे !दूसरो की तारीफ़ करना बहुत अच्छी बात है , पर कुछ ऐसा करना की दूसरे आपकी तारीफ़ करे , उससे भी अच्छी बात है ! छाजू आर सी एम

बुधवार, 17 अगस्त 2011

सपने देखने वाले पांच किसम के लोग होते है

इस दुनिया में सपने देखने वाले पांच किस्म के लोग होतें है१.स्वप्नदर्शी जो अतीत के सपने देखते है२.स्वप्नदर्शी जो केवल छोटे सपने देखते है३.स्वप्नदर्शी जिन्होंने अपने सपने हासिल कर लिए है और नया सपना नहीं बनाया है४.स्वप्नदर्शी जो बड़े सपने देखते तो है पर उन्हें हासिल करने की योजना नहीं बनाते५. स्वप्नदर्शी जो बड़े सपने देखते है,उन सपनो को हासिल कर लेते है और फिर और बड़े सपने देखने लगते है रोबोर्ट कियोसाकी

रविवार, 14 अगस्त 2011

सतीश जी के १० वाक्य अमर







1) यदि आप सिर्फ अपने हीं सीखते रहेंगे तो आप विद्वान (WISE MAN) बन सकते हैं लेकिन यदि आप दूसरे को सिखाएँगे तो आप आमिर (RICH)बन जाएँगे

2) भूलकर भी हमें इन तीन वर्जित विषयों पर बहस नहीं करनी चाहिए :सेक्स ,धर्म और राजनीत (SEX , RELIGION , POLITICS ) .(MIND YOUR OWN BUSINESS DO NOT TRY TO BE SOCIAL REFORMER)

3) नेटवर्क बिजनेस दिल का है, दिमाग का नहीं ,यह बिजनेश प्यार का है तर्क का नही ,यह बिजनेश सुंदर सम्बन्धों का है जोर- जबरजस्ती का नहीं क्योंकि इस बिजनेश में प्रतेक व्यक्ति अपना I.B.O. स्वयं है (YOU ARE THE INDEPENDENT BUSINESS OWNER OF YOUR BUSINESS )

4) नेटवर्क बिजनेश में सफल होने के लिए एक हीं काम करना है :सकरात्मक नजरिया ,अटूट विश्वास और श्रद्धा (POSITIVE ATTITUDE,TRUST AND LOVE) के साथ लगातार लगे (CONTINUOUS) रहना है कभी करना कभी छोड़ देना इस बिजनेश का कैंसर(CANCER :FATAL DISEASE ) है

5) नेटवर्क बिजनेश में अपने लिए शुरू में जरुर काम करना पड़ता है लेकिन बाद में अपने डाउन लाइन और अप लाइन के लिए कम करना पड़ता है दूसरे शब्दों में आप दूसरे की मदद करें परमात्मा आप की मदद खूद करेगा(YOU HELP OTHERS, GOD WILL HELP YOU )

6) नेटवर्क बिजनेश में काम करते वक्त जब जिश्म (BODY) थक जाए और रूह (SOUL) कंप जाए फिर भी लगे रहें ,इसको कहते हैं कठिन मेहनत (HARD WORK / EXTRA MILE) और नेटवर्क बिजनेश में ऐसे हीं लोगों को कामयाबी मिलती है इसी लिए मैं कहता हूँ “कामयाबी दर्द की कोख से पैदा होती है

7) जो लोग आज इस सेमिनार हौल(SEMINAR HALL) में है ,उनकी कामयाबी निश्चित है , और जो लोग बाहर प्लान दिखने नें व्यस्त हैं उनमे देर लग जाएगी इस बिजिनेश की आत्मा(SOUL ) है एजुकेसन :बुक टेप और फंक्शन ( B T F ): बुक डेली 20 मिनट्स ,वन टेप डेली ,कम से कम एक फंक्सन प्रतेक माह

8 ) किसी को भी मार्केटिन प्लान बोल कर नहीं बताना है बल्कि पेपर पर हीं लिख कर दिक्काना है क्योंकि (PEOPLE ALWAYS UNDERSTAND FIGURES NOT FACTS )

9) मार्केटिंग प्लान दिखाते वक्त हमेशा इस बात का ख्याल रखना है किप्लान को मात्र दिखाना है ,बताना या समझाना नहीं है यह मात्र इन्फोर्मसं शेयरिंग (INFORMATION SHARING ) सेसन होता है यह उस व्यक्ति का प्रथम लेवल का इंटरविउ (FIRST LEVEL INTERVIEW) होता है कि वह व्यक्ति इस तरह कि एक्टिविटी (ACTIVITIES) में सामिल होना चाहता है या नहीं (SHOW THE PLANE DO NOT CONVINCE THE PLANE .समझाने वाला दूसरा सेसन फोलो उप (FOLLOW UP) है आपको फोलो उप हमेशा अपने सिनिर उप लाइन के साथ करना है क्योंकि 90%रिजल्ट फोलो अप से आएगा नकि (STP)

10) पुराने जमाने में सफलता के सात सूत्र बताए जाते थे लेकिन आज सफलता का एक हीं सूत्र है सकरात्मक नजरिया (POSITIVE ATTITUDE) )यानि प्रतेक चीज में आपको अच्छाई को ढूंढ लेना है आपको हर चीज को अच्छा -अच्छा कहना होगा चाहे आपका अप लाइन हो या डाउन लाइन हो या आपका क्रोस लाइन हो या कोई दूसरे ग्रुप का हीं क्यों न हो यहाँ तक कि कम्पनी का मैनेजमेंट सिस्टम हो सकता है, कम्पनी का प्रोडक्ट हो सकता है
आप जानते हैं कि आकर्षण के सिधांत (LOW OF ATTRACTION) के अनुसार जो भी आप बोलते हैं या सोंचते हैं उसकी FREQUENCY होती है जो इस ब्रम्हांड (UNIVERSE) में RADIATE हो जाती है और उसी तरह कि अन्य फिरिक्वेंसियों (SIMILAR FREQUENCIES) को अपनी तरफ आकर्षित कर लेती है

मंगलवार, 31 मई 2011

आर सी एम मै सफलता




EXAM HALL में EXAM चल रहा था पहले STUDENT ने ANSWER SHEET में कुछ नहीं लिखा क्या वो PASS होगा नहीं दुसरे STUDENT ने ANSWER SHEET में लिखा तो खूब पूरी की पूरी ANSWER SHEET भर दी पर सारा का सारा ANSWER WRONG लिखाक्या दूसरा STUDENT PASS होगा नहींतीसरे STUDENT ने ANSWER SHEET में लिखा भी और बहुत लिखा पर 1ST QUESTION का ANSWER SECOND में, SECOND का ANSWER FIFTH में , FIFTH का ANSWER SIX में सब उल्टा लिखा लिखा क्या तीसरा STUDENT PASS होगा नहीं पर चोथे STUDENT ने ANSWER SHEET में लिखा भी, बहुत सारा लिखा और सब कुछ सही लिखा और पूरा का पूरा लिखा क्या चोथा STUDENT PASS होगा हा १०० % चारो STUDENT को आपने देखा चारो में कोई न कोई अंतर था उन्होंने जैसा लिखा वैसा ही उनको RESULT मिला RCM BUSINESS में भी बिलकुल ऐसा ही है जो लोग ज्वाइन कर लेते है पर (ANSWER SHEET में कुछ लिखते नहीं ) मतलब इसमें काम नहीं करते उनका RESULT पहले STUDENT की तरह FAIL का मलतब नाकामयाबी का होगादूसरा जो लोग ज्वाइन कर इसमें काम तो बहुत करते है REPUCHASE करते है JOINING करवाते है लेकिन लोगो को सही जानकारी नहीं देते गलत जानकारी देते है जैसे दुसरे STUDENT ने ANSWER SHEET बहुत लिखा पर WRONG लिखा )उनका RESULT भी तीसरे STUDENT की तरह FAIL (नाकामयाबी) का होगातीसरा जो लोग JOIN करते है और तीसरे STUDENT के जैसे ANSWER SHEET में सब उल्टा पुल्टा लिखते है मतलब लोगो को उल्टा पुल्टा कुछ भी जानकारी देते है उनका भी RESULT तीसरे STUDENT की तरह FAIL का (नाकामयाबी) का होगा पर जो लोग चोथे STUDENT की तरह ANSWER SHEET में सब ठीक सही और पूरा पूरा लिखते है मतलब लोगो को सही JOIN कराते है उनको सही जानकारी देते है और लगातार चलते है उनका RESULT चोथे STUDENT की तरह १००% PASS मतलब १००% कामयाबी का होगा अब आप सोच ले आप को कोंन सा STUDENT बनना है

रविवार, 15 मई 2011

सन्गठन

सन्गठन की ताकत के बारे में हम सब भली -भाति जानते है !सफलता के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण यह है की आप अपने साथियों ,सहयोगियों के साथ किस तरह समन्वय बिठाते है !अकेले की ताकत दुनिया में कोई काम नही करती !जब आपको दुसरो की ताकत का इस्तेमाल करना आ जाता है तो ही आप किसी अच्छे कार्य को सम्पन्न कर सकते हो !एक विचित्र बात यह है की दुनिया में हर मनुष्य अलग -अलग स्वभाव का होता है !सबकी अलग -अलग योग्यता ,कार्य कुशलता ,पसंद ,मनोवृतिया, आदते होती है !कोई भी दो व्यक्ति हर प्रकार से एक तरह के होना बिलकुल असंभव है !एसे में सबसे समन्वय बिठाना निश्चित रूप से एक अति कुशलता का कार्य है,लकिन कुछ बातो का ख्याल रखे तो काफी हद तक यह सम्भव है और यही आपकी सफलता को निर्धरित करता है !*आपका उदेश्य सबका उपयोग करके स्वयम को विकसित करने का नही होना चाहिए ,बल्कि अपनी सेवा से सबको विकसित करने का होना चाहिए !*किसी को अपने जैसा बनाने की चेष्टा मत करो बल्कि जिसमे जो प्रतिभा है ,उसका उपयोग करने के प्रयास करो !*दुसरे आपके कहने से नही ,आपके आचरण को देखकर सुधरते है !*किसी के अहंकार पर चोट न करे ,उसके विवेक को जागृत करे !*जो सबसे ज्यादा झुकता है वह सबसे ज्यादा सम्मान का पात्र होता है!* दुसरो के लिए किसी मूल्यवान वस्तु का बलिदान करना अमूल्य की प्राप्ति का साधन है !***छोटो से आपका प्यार बना रहे इसी में आपका बडप्पन है !*तोड़ने वाली ताकतों का मुकाबला एकजुट होकर करे !*छोटी -मोटी बातो को ज्यादा तुल न दे !* हमेशा गंभीर बाते ही न करे !मनोरंजन नजदीकिया बढ़ाता है !*किसी से सहयोग चाहते है तो पहले सहयोग करे !*किसी का उपयोग अपने स्वार्थ के लिए एक बार कर सकते है बार-बार नही !*जो अभी अपरिचित है वह भविष्य का सहयोगी हो सकता है यह कभी न भूले !*तात्कालिक लाभ -हानि के लिए सम्बन्धो को खराब न करे !*सब मेंकुछ न कुछ कमी होती है ,यह ध्यान में रखना बहुत जरूरी है !*अपने साथियों की प्रशंसा करने का एक भी अवसर न खोये !*जिसका जितना हक है उसे देने में अफ़सोस न करे !*कमजोर आदमी को बाहर नही उसे मजबूत करने के प्रयास करे !*किसी को सुधारनेके लिए दुसरो के सामने उसकी आलोचना नही करे !*कोई सामूहिक कार्य करना हो तो दुसरो को आदेश देने के बजाय खुद वह काम शुरू कर दे !*गलती करने वाले से घृणा करोगे तो आपका प्रिय कोई नही होगा !*हमेशा अपने निर्णय ही न थोपे , साथियों के विचार पर भी पूरा ध्यान दे !*नये साथी मिल जाये तो पुरानो को न छोड़ दे !*किसी की आलोचना करने से पहले सोच ले उस परिस्थिति में आप क्या करते ?*आपके अंदर जोश है तो आपके सन्गठन में जोश रहेगा !*आप अपनी गलती स्वीकार करोगे तो आपके साथी भी अपनी गलती स्वीकार करेगे !*अपने साथियों के व्यक्तिगत जीवन का भी ध्यान रखे !* अपने साथियों की तकलीफ के समय साथ देना आपका फर्ज है !*किसी को छोटा मत समझो ,दीपक की एक लो पुरे घर को प्रकाशवान कर देती है !