जय आर सी एम्, दोस्तों ! दोस्तों, किसी भी काम को करने से पहले हमें 4 बातों का जानना जरुरी होता है। क्या है? क्या दे सकता हें ? क्यों करें ? कैसे करें ? तो अब हम बात कर रहें हैं की आर सी एम् "क्या है" के लिए पड़ें RCM PLAN इसी ब्लाग पर। क्या दे सकता है के लिए पढें निर्णय आपका इसी ब्लॉग पर। क्यों करें की हम बात करेंगें दोस्तों, इतिहास गवाह है, बड़े बुजुर्गों से सुना भी है की जब लोगो की इनकम के ये आंकडे चलते आए और अब देख भी रहे हैं :
सन्
जीवन शैली
इनकम
जीवन शैली
1940
5/-
बहुत अच्छा सा सरकारी
50/-
मौज करते थे
1960
50/-
बहुत अच्छा नहीं था
500/-
मौज करते थे
1980
500/-
वो तंग थे
5000/-
मौज करते थे
2000
5000/-
वो भी तंगी में थे
50000/-
मौज करते थे
सावधान
सावधान
!! सावधान !!
सावधान
सावधान
सन् ,2020,......भी आने वाला है, तब 50000/=रूपये महीने की जिसकी इनकम होगी वों दाल रोटी खायेगा और 500000/=रूपये {पांच लाख रूपये महिना जिसकी इनकम होगी वों मौज करेगा अब देखें की हर 20. साल के बाद एक 0 लगी है इस O की रफ्तार को पहचानने की जरुरत है
सरकारी नौकरी में प्रमोसन कितनी होगी चेक करें
प्राइवेट नौकरी में प्रमोसन कितनी होगी चेक करें .
अपना बिज़नस कैसा है चेक करें .
इतनी बड़ी इनकम केवल और केवल कोई नेटवर्क ही दे सकता हैक्योँ की : अमीर बनने के दो ही रास्ते हैं : 01.आप के पास बहुत सारा पैसा हो और आप कोई कम्पनी लगाइए और लोग आप के लिए काम करें . 02.RCM में आप एक नेटवर्क तैयार करें और उनके साथ मिल कर उनके और अपने सपने साकार करें क्योकि पैसा अमीर आदमी के लिए काम करता है, और आम आदमी पैसे के लिए काम करता हँ। दोस्तों आर सी एम् की ताकत को पहचानो और उस धरती के लाल टी सी छाबडा जी का धन्यवाद करो जिसने कई हजार करोड़ रूपये आप के लिए लगा दिए हैं आप पर विश्वाश करके। अब हमारा काम बचा ही कितना हँ ,केवल नेटवर्क तैयार करना और अपना और अपने बच्चों के सपने साकार करना। अगर ये भी नहीं होता है तो ना करें RCM और आने वाले समय का इंतजार करें और 0 की रफ्तार में बह जाने के लिए तैयार रहें ।
RET PE LIKHE NAM TIKTE NHI ,RET PE HUM NAM LIKHTE NHI, * HUM PTTHRO PE NAM LIKHTE HAI,KYOKI PTTHR PE LIKHE NAM MITTE NHI!**
गुरुवार, 18 अगस्त 2011
कामयाबी का असली रहस्य
आपकी चाहत :
* क्या आप कामयाब होना चाहते हैं।
* क्या आप बहुत पैसा कमाना चाहते हैं।
* क्या आप नाम कमाना चाहते है।
* क्या आप अपने व्यवसाय में ऊँचाइयों पर पहुंचना चाहते हैं।
* आप मधुर सम्बन्ध बनाना चाहते हैं। प्यार पाना चाहते है।
* मानसिक शांति, शारारिक स्वास्थ्य चाहते हैं।
* या किसी लाइलाज बिमारी से छुटकारा। आप जीवन में क्या चाहते हैं! आपकी चाहत क्या हैं! विश्व के दिग्ग्ज्ज जिन्होंने पुरे विश्व को इन सभी सवालों को समाधान दिए नए आयाम दिए - आपके सवालों के, और चाहत को पाने के रास्ते डॉ प्रवीण शर्मा के अथक प्रयासों द्वारा इन लोगों द्वारा दिए जायेंगे।
* क्या आप कामयाब होना चाहते हैं।
* क्या आप बहुत पैसा कमाना चाहते हैं।
* क्या आप नाम कमाना चाहते है।
* क्या आप अपने व्यवसाय में ऊँचाइयों पर पहुंचना चाहते हैं।
* आप मधुर सम्बन्ध बनाना चाहते हैं। प्यार पाना चाहते है।
* मानसिक शांति, शारारिक स्वास्थ्य चाहते हैं।
* या किसी लाइलाज बिमारी से छुटकारा। आप जीवन में क्या चाहते हैं! आपकी चाहत क्या हैं! विश्व के दिग्ग्ज्ज जिन्होंने पुरे विश्व को इन सभी सवालों को समाधान दिए नए आयाम दिए - आपके सवालों के, और चाहत को पाने के रास्ते डॉ प्रवीण शर्मा के अथक प्रयासों द्वारा इन लोगों द्वारा दिए जायेंगे।
आदतें भविष्य निर्माता
क्या आप जानते है की हमारी आदतें हमारे आने वाले भविष्य की निर्माता होती हैं। तथ्य पर गौर करें तो पाएंगे की आदतें ही मनुष्य का निर्माण करती हैं। हमें अपनी आदतों को बदलना होगा। यह इतना आसान नही है किंतु साहसी लोग इस काम को बखूबी अंजाम देतें है। क्योकि बी.सी.जी कहते है की आदतों को ना बदलने की भी हमारी आदत बनी हुई है। आप कामयाब हो सकते है यदि आप अपनी आदत बना ले की हमें RCM के अलावा और कोई प्रोडक्ट इस्तेमाल नही करना, RCM के दो प्लान रोज दिखाने है, पिछले लोगो को फोलो-उप करना है, रोज एक सी डी या टेप सुननी है, सेमीनार मीटिंग में ज्यादा से ज्यादा जाना है, पूरे ड्रेस कोड में रहना है, आदि, एक कहानी मुझे हमेशा मोटिवेट करती है..... एक बार के ग्वाला अपनी गाय के नन्हे बछडे को अपनी गोद में उठा कर रोज तालाब पर स्नान कराने ले जाता था, जब वह बछडा छोटा था तब तो कोई परवाह नही करता था, किंतु धीरे-धीरे जब बछडा बड़ा होकर पुरा बैल बन गया तो भी ग्वाला उसको गोद में उठा कर तालाब पर स्नान कराने ले जाता, लोग उसकी तरफ आँखें फाड़ फाड़ कर देखते थे और हैरान हो जाते की दुबला पतला ग्वाला इस बैल को गोद में कैसे उठा लेता है? दोस्तों इसका राज जानते है क्या था ? उस ग्वाले को बछडा गोद में उठा कर ले जाने की आदत हो गई थी अतः उसे पता ही नही चला की कब बछडा बड़ा होकर बैल बन गया और उसे महसूस ही नही हुआ। दोस्तों RCM बिज़नस में कामयाबी के लिए हमारी ऐसी ही आदतें हमें डालनी होंगी - नो इफ नो बट केवल कर्म। किसी को पता ही नही चलेगा और आपकी पूरे हिन्दुस्तान में जय-जयकार हो जायेगी।
आप अपने समय और सामर्थ्य का उपयोग किस प्रकार करते हैं?
यदि आप रोज़ शाम को टीवी पर ख़बरों में बढ़ते अपराध और बिगड़ते हालात को देखकर यह अफसोस करते रहते हैं कि दुनिया रसातल में जा रही है तो आप चिंता के वर्तुल में भ्रमण कर रहे हैं. इसके विपरीत यदि आप प्रभाव क्षेत्र में हैं तो आप ऐसे सकारात्मक प्रयास करते हैं जिनसे लोगों में जागरूकता आये. आप नए विचारों के साथ आगे आते हैं, लोगों को उनकी योग्यताओं और शक्तियों का अहसास कराते हैं, और उनका मार्गदर्शन करते हैं ताकि अधिकाधिक लोगों के जीवन में सुधार आये.
मैं कई लोगों के बीच में वार्ता करने से झिझकता था क्योंकि मेरे भीतर यह भय व्याप्त था कि मैं कुछ भी ठीक से नहीं कह पाऊंगा और सभी मुझे मूर्ख समझेंगे. मैं इतना संकोची था कि किसी गोष्ठी में कुछ पूछने के लिए या अपने विचार रखने के लिए हाथ उठाने से भी हिचकिचाता था. यदि मैं कुछ पूछता भी तो मेरा दिल बेतहाशा धड़कने लगता और मैं खुद से यह पूछता रहता कि मैं कोई बेवकूफी भरा सवाल तो नहीं पूछ रहा हूँ! मैं हमेशा चिंताओं के क्षेत्र में ही फंसा रहता था. किसी तरह मैं उसमें से निकलकर प्रभाव क्षेत्र में जा सका. ऐसा करने के लिए मुझे पब्लिक स्पीकिंग कोचिंग से बड़ी मदद मिली. अपने चिंता क्षेत्र से बाहर निकले बिना मैं लोगों के सामने बिना किसी तैयारी के भाषण देने के बारे में सोच भी नहीं सकता था.
अब मैं आपको यह बताता हूँ कि वे कौन सी बातें (चिंता का क्षेत्र) हैं जिनके बारे में लोग बड़ी चिंता करते हैं. उसके ठीक बाद मैं उन उपायों (प्रभाव क्षेत्र) को इंगित करूंगा जो खराब दशाओं में सुधार ला सकते हैं:
पर्यावरण/प्रदूषण - रिसाइकल करें. कम उपयोग करें. आवश्यकताएं घटाएं.आय-व्यय/घरेलू खर्च - आमदनी बढ़ाएं. खर्चे कम करें. छोटी-छोटी बचत करें.स्वास्थ्य - व्यायाम करें. पैदल चलें.अकेलापन/अवसाद - अपने मेलजोल का दायरा बढ़ाएं. खुशमिजाज़ बनें.भविष्य - टाइम मशीन बनाएं.
जब भी आप किसी मसले पर काम करें तो खुद से यह ज़रूर पूछें, "मैं इस स्थिति में किस प्रकार सुधार ला सकता हूँ? मैं इसे बेहतर कैसे बना सकता हूँ?"
कुछ नए विचार एकत्र करें और उनपर कार्रवाई शुरू कर दें. यदि आप कुछ नहीं सोच पा रहे हों तो यह अवश्य अनुभव करें कि किसी समस्या के बारे में चिंता करना केवल अपने समय और शक्तियों की बर्बादी है. फिर अपने संसाधनों को उस दिशा में मोड़ दें जहां आप वाकई कुछ करके दिखा सकते हों.
मैं कई लोगों के बीच में वार्ता करने से झिझकता था क्योंकि मेरे भीतर यह भय व्याप्त था कि मैं कुछ भी ठीक से नहीं कह पाऊंगा और सभी मुझे मूर्ख समझेंगे. मैं इतना संकोची था कि किसी गोष्ठी में कुछ पूछने के लिए या अपने विचार रखने के लिए हाथ उठाने से भी हिचकिचाता था. यदि मैं कुछ पूछता भी तो मेरा दिल बेतहाशा धड़कने लगता और मैं खुद से यह पूछता रहता कि मैं कोई बेवकूफी भरा सवाल तो नहीं पूछ रहा हूँ! मैं हमेशा चिंताओं के क्षेत्र में ही फंसा रहता था. किसी तरह मैं उसमें से निकलकर प्रभाव क्षेत्र में जा सका. ऐसा करने के लिए मुझे पब्लिक स्पीकिंग कोचिंग से बड़ी मदद मिली. अपने चिंता क्षेत्र से बाहर निकले बिना मैं लोगों के सामने बिना किसी तैयारी के भाषण देने के बारे में सोच भी नहीं सकता था.
अब मैं आपको यह बताता हूँ कि वे कौन सी बातें (चिंता का क्षेत्र) हैं जिनके बारे में लोग बड़ी चिंता करते हैं. उसके ठीक बाद मैं उन उपायों (प्रभाव क्षेत्र) को इंगित करूंगा जो खराब दशाओं में सुधार ला सकते हैं:
पर्यावरण/प्रदूषण - रिसाइकल करें. कम उपयोग करें. आवश्यकताएं घटाएं.आय-व्यय/घरेलू खर्च - आमदनी बढ़ाएं. खर्चे कम करें. छोटी-छोटी बचत करें.स्वास्थ्य - व्यायाम करें. पैदल चलें.अकेलापन/अवसाद - अपने मेलजोल का दायरा बढ़ाएं. खुशमिजाज़ बनें.भविष्य - टाइम मशीन बनाएं.
जब भी आप किसी मसले पर काम करें तो खुद से यह ज़रूर पूछें, "मैं इस स्थिति में किस प्रकार सुधार ला सकता हूँ? मैं इसे बेहतर कैसे बना सकता हूँ?"
कुछ नए विचार एकत्र करें और उनपर कार्रवाई शुरू कर दें. यदि आप कुछ नहीं सोच पा रहे हों तो यह अवश्य अनुभव करें कि किसी समस्या के बारे में चिंता करना केवल अपने समय और शक्तियों की बर्बादी है. फिर अपने संसाधनों को उस दिशा में मोड़ दें जहां आप वाकई कुछ करके दिखा सकते हों.
जीवन का सत्य
अच्छा सुनकर उसे अपनाओ नही तो सुनने और नही सुनने में कोई अन्तर नही !जीवन में ज्यादा से ज्यादा अच्छे विचार रखना उतना ही महत्वपूर्ण है , जितना उनका आदान प्रदान है ! यदि अच्छे विचारों में किसी को भागीदारी नही बनायेंगें , जीवन में उनका उपयोग नही करेंगे तो वे सब व्यर्थ चले जायेंगे !दूसरो की तारीफ़ करना बहुत अच्छी बात है , पर कुछ ऐसा करना की दूसरे आपकी तारीफ़ करे , उससे भी अच्छी बात है ! छाजू आर सी एम
बुधवार, 17 अगस्त 2011
सपने देखने वाले पांच किसम के लोग होते है
इस दुनिया में सपने देखने वाले पांच किस्म के लोग होतें है१.स्वप्नदर्शी जो अतीत के सपने देखते है२.स्वप्नदर्शी जो केवल छोटे सपने देखते है३.स्वप्नदर्शी जिन्होंने अपने सपने हासिल कर लिए है और नया सपना नहीं बनाया है४.स्वप्नदर्शी जो बड़े सपने देखते तो है पर उन्हें हासिल करने की योजना नहीं बनाते५. स्वप्नदर्शी जो बड़े सपने देखते है,उन सपनो को हासिल कर लेते है और फिर और बड़े सपने देखने लगते है रोबोर्ट कियोसाकी
रविवार, 14 अगस्त 2011
सतीश जी के १० वाक्य अमर
1) यदि आप सिर्फ अपने हीं सीखते रहेंगे तो आप विद्वान (WISE MAN) बन सकते हैं लेकिन यदि आप दूसरे को सिखाएँगे तो आप आमिर (RICH)बन जाएँगे
2) भूलकर भी हमें इन तीन वर्जित विषयों पर बहस नहीं करनी चाहिए :सेक्स ,धर्म और राजनीत (SEX , RELIGION , POLITICS ) .(MIND YOUR OWN BUSINESS DO NOT TRY TO BE SOCIAL REFORMER)
3) नेटवर्क बिजनेस दिल का है, दिमाग का नहीं ,यह बिजनेश प्यार का है तर्क का नही ,यह बिजनेश सुंदर सम्बन्धों का है जोर- जबरजस्ती का नहीं क्योंकि इस बिजनेश में प्रतेक व्यक्ति अपना I.B.O. स्वयं है (YOU ARE THE INDEPENDENT BUSINESS OWNER OF YOUR BUSINESS )
4) नेटवर्क बिजनेश में सफल होने के लिए एक हीं काम करना है :सकरात्मक नजरिया ,अटूट विश्वास और श्रद्धा (POSITIVE ATTITUDE,TRUST AND LOVE) के साथ लगातार लगे (CONTINUOUS) रहना है कभी करना कभी छोड़ देना इस बिजनेश का कैंसर(CANCER :FATAL DISEASE ) है
5) नेटवर्क बिजनेश में अपने लिए शुरू में जरुर काम करना पड़ता है लेकिन बाद में अपने डाउन लाइन और अप लाइन के लिए कम करना पड़ता है दूसरे शब्दों में आप दूसरे की मदद करें परमात्मा आप की मदद खूद करेगा(YOU HELP OTHERS, GOD WILL HELP YOU )
6) नेटवर्क बिजनेश में काम करते वक्त जब जिश्म (BODY) थक जाए और रूह (SOUL) कंप जाए फिर भी लगे रहें ,इसको कहते हैं कठिन मेहनत (HARD WORK / EXTRA MILE) और नेटवर्क बिजनेश में ऐसे हीं लोगों को कामयाबी मिलती है इसी लिए मैं कहता हूँ “कामयाबी दर्द की कोख से पैदा होती है
7) जो लोग आज इस सेमिनार हौल(SEMINAR HALL) में है ,उनकी कामयाबी निश्चित है , और जो लोग बाहर प्लान दिखने नें व्यस्त हैं उनमे देर लग जाएगी इस बिजिनेश की आत्मा(SOUL ) है एजुकेसन :बुक टेप और फंक्शन ( B T F ): बुक डेली 20 मिनट्स ,वन टेप डेली ,कम से कम एक फंक्सन प्रतेक माह
8 ) किसी को भी मार्केटिन प्लान बोल कर नहीं बताना है बल्कि पेपर पर हीं लिख कर दिक्काना है क्योंकि (PEOPLE ALWAYS UNDERSTAND FIGURES NOT FACTS )
9) मार्केटिंग प्लान दिखाते वक्त हमेशा इस बात का ख्याल रखना है किप्लान को मात्र दिखाना है ,बताना या समझाना नहीं है यह मात्र इन्फोर्मसं शेयरिंग (INFORMATION SHARING ) सेसन होता है यह उस व्यक्ति का प्रथम लेवल का इंटरविउ (FIRST LEVEL INTERVIEW) होता है कि वह व्यक्ति इस तरह कि एक्टिविटी (ACTIVITIES) में सामिल होना चाहता है या नहीं (SHOW THE PLANE DO NOT CONVINCE THE PLANE .समझाने वाला दूसरा सेसन फोलो उप (FOLLOW UP) है आपको फोलो उप हमेशा अपने सिनिर उप लाइन के साथ करना है क्योंकि 90%रिजल्ट फोलो अप से आएगा नकि (STP)
10) पुराने जमाने में सफलता के सात सूत्र बताए जाते थे लेकिन आज सफलता का एक हीं सूत्र है सकरात्मक नजरिया (POSITIVE ATTITUDE) )यानि प्रतेक चीज में आपको अच्छाई को ढूंढ लेना है आपको हर चीज को अच्छा -अच्छा कहना होगा चाहे आपका अप लाइन हो या डाउन लाइन हो या आपका क्रोस लाइन हो या कोई दूसरे ग्रुप का हीं क्यों न हो यहाँ तक कि कम्पनी का मैनेजमेंट सिस्टम हो सकता है, कम्पनी का प्रोडक्ट हो सकता है
आप जानते हैं कि आकर्षण के सिधांत (LOW OF ATTRACTION) के अनुसार जो भी आप बोलते हैं या सोंचते हैं उसकी FREQUENCY होती है जो इस ब्रम्हांड (UNIVERSE) में RADIATE हो जाती है और उसी तरह कि अन्य फिरिक्वेंसियों (SIMILAR FREQUENCIES) को अपनी तरफ आकर्षित कर लेती है
2) भूलकर भी हमें इन तीन वर्जित विषयों पर बहस नहीं करनी चाहिए :सेक्स ,धर्म और राजनीत (SEX , RELIGION , POLITICS ) .(MIND YOUR OWN BUSINESS DO NOT TRY TO BE SOCIAL REFORMER)
3) नेटवर्क बिजनेस दिल का है, दिमाग का नहीं ,यह बिजनेश प्यार का है तर्क का नही ,यह बिजनेश सुंदर सम्बन्धों का है जोर- जबरजस्ती का नहीं क्योंकि इस बिजनेश में प्रतेक व्यक्ति अपना I.B.O. स्वयं है (YOU ARE THE INDEPENDENT BUSINESS OWNER OF YOUR BUSINESS )
4) नेटवर्क बिजनेश में सफल होने के लिए एक हीं काम करना है :सकरात्मक नजरिया ,अटूट विश्वास और श्रद्धा (POSITIVE ATTITUDE,TRUST AND LOVE) के साथ लगातार लगे (CONTINUOUS) रहना है कभी करना कभी छोड़ देना इस बिजनेश का कैंसर(CANCER :FATAL DISEASE ) है
5) नेटवर्क बिजनेश में अपने लिए शुरू में जरुर काम करना पड़ता है लेकिन बाद में अपने डाउन लाइन और अप लाइन के लिए कम करना पड़ता है दूसरे शब्दों में आप दूसरे की मदद करें परमात्मा आप की मदद खूद करेगा(YOU HELP OTHERS, GOD WILL HELP YOU )
6) नेटवर्क बिजनेश में काम करते वक्त जब जिश्म (BODY) थक जाए और रूह (SOUL) कंप जाए फिर भी लगे रहें ,इसको कहते हैं कठिन मेहनत (HARD WORK / EXTRA MILE) और नेटवर्क बिजनेश में ऐसे हीं लोगों को कामयाबी मिलती है इसी लिए मैं कहता हूँ “कामयाबी दर्द की कोख से पैदा होती है
7) जो लोग आज इस सेमिनार हौल(SEMINAR HALL) में है ,उनकी कामयाबी निश्चित है , और जो लोग बाहर प्लान दिखने नें व्यस्त हैं उनमे देर लग जाएगी इस बिजिनेश की आत्मा(SOUL ) है एजुकेसन :बुक टेप और फंक्शन ( B T F ): बुक डेली 20 मिनट्स ,वन टेप डेली ,कम से कम एक फंक्सन प्रतेक माह
8 ) किसी को भी मार्केटिन प्लान बोल कर नहीं बताना है बल्कि पेपर पर हीं लिख कर दिक्काना है क्योंकि (PEOPLE ALWAYS UNDERSTAND FIGURES NOT FACTS )
9) मार्केटिंग प्लान दिखाते वक्त हमेशा इस बात का ख्याल रखना है किप्लान को मात्र दिखाना है ,बताना या समझाना नहीं है यह मात्र इन्फोर्मसं शेयरिंग (INFORMATION SHARING ) सेसन होता है यह उस व्यक्ति का प्रथम लेवल का इंटरविउ (FIRST LEVEL INTERVIEW) होता है कि वह व्यक्ति इस तरह कि एक्टिविटी (ACTIVITIES) में सामिल होना चाहता है या नहीं (SHOW THE PLANE DO NOT CONVINCE THE PLANE .समझाने वाला दूसरा सेसन फोलो उप (FOLLOW UP) है आपको फोलो उप हमेशा अपने सिनिर उप लाइन के साथ करना है क्योंकि 90%रिजल्ट फोलो अप से आएगा नकि (STP)
10) पुराने जमाने में सफलता के सात सूत्र बताए जाते थे लेकिन आज सफलता का एक हीं सूत्र है सकरात्मक नजरिया (POSITIVE ATTITUDE) )यानि प्रतेक चीज में आपको अच्छाई को ढूंढ लेना है आपको हर चीज को अच्छा -अच्छा कहना होगा चाहे आपका अप लाइन हो या डाउन लाइन हो या आपका क्रोस लाइन हो या कोई दूसरे ग्रुप का हीं क्यों न हो यहाँ तक कि कम्पनी का मैनेजमेंट सिस्टम हो सकता है, कम्पनी का प्रोडक्ट हो सकता है
आप जानते हैं कि आकर्षण के सिधांत (LOW OF ATTRACTION) के अनुसार जो भी आप बोलते हैं या सोंचते हैं उसकी FREQUENCY होती है जो इस ब्रम्हांड (UNIVERSE) में RADIATE हो जाती है और उसी तरह कि अन्य फिरिक्वेंसियों (SIMILAR FREQUENCIES) को अपनी तरफ आकर्षित कर लेती है
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